प्रभु की कृपा तुम पर हर वक्त बरसती रहे ,तुम्हारी ज़िन्दगी मैं फूल ही फूल बिछे हों .कोई दुःख तुम्हारे पास से हो कर भी न निकले ---मेरे बच्चे सात समंदर पर बैठी येतेरी मान क्या दुआ करे की तेरी ज़िन्दगी zadu की तरह चले ---एक bhagwan का ही bharosa है की सात समंदर पर बैठे मेरे बच्चे का saya बने रहेंगे .मान to बस अपने kaleze को terei aashish से भरा एक tukda manti है ---siway shubhakamna के और क्या दे सकती है ---वो हज़ार हज़ार यादें जो बचपन से लेकर आज तक वो हज़ार हज़ार sapne जो तेरे लिए देखे हैं उन प्रभु की कृपा का भरोसा-- है न बस ज़रा सी बातकी अब मुझसे भजन नही बनता है फ़िर प्रभु की कृपा -का -भी भरोसा है सुन आज - ---- -----aur sun aaj तेरी बर्थडे पर कोई काम i नही था मुझे करने को तू कब बड़ा हो गया कब दूर चला गया ये अहसास अबजाकर हुआ जब pas रहता था तो ये मां तुझे कुछ न कुछ पढने के लिए kahti या डांडती ही रहती थी --याद आता है वो प्रसंग जब नंदबाबा कृष्ण के मथुरा चले जाने पर यशोदा से कहते हैं ----जब तूमारिबू ही करत ---अर्थात जब कृष्ण गोकुल मैं रहता था तब तू मारती ही रहती थी और यशोदा बिलख कर कहती है -----"फ़िर ब्रिज बसहु गोकुलनाथ ---बहुरिन तुम्हे जगाय पथ्वहुन गोधनं के साथ
बरजों न माखन खात कबहूँ देहूं देन लुटाय -----न मैं तुम्हे माखन खाने से रोकूंगी न लुटाने से लेकिन कन्हैया एक बार तो गोकुल आजा ----यही आर्त पुकार हर मां की है जिस जिस का बेटा बड़ा हो कर ज़िन्दगी की कर्मभूमि मैं चला गया है हर वक्त वो मां अपने बच्चों के sath ही होती है फ़िर ये समन्दरों की दूरियां क्या लगती हैं ?---के मेरे लाल जहाँ भी रहे खुश रह तू हमेशा तेरी हर bala कोअपने सर ले कर अपने लाल के हज़ार हज़ार सदकेउतारती है कन्हैया !हर ज़गह तुझे शुभकामनाओं का माखन मिलता रहेगा हर समय मां की दुआओं का साया तेरे सर पर रहेगा औरईश्वर कृपा का मयूर पंखसदा तुझे राह बताता रहेगा----
बरजों न माखन खात कबहूँ देहूं देन लुटाय -----न मैं तुम्हे माखन खाने से रोकूंगी न लुटाने से लेकिन कन्हैया एक बार तो गोकुल आजा ----यही आर्त पुकार हर मां की है जिस जिस का बेटा बड़ा हो कर ज़िन्दगी की कर्मभूमि मैं चला गया है हर वक्त वो मां अपने बच्चों के sath ही होती है फ़िर ये समन्दरों की दूरियां क्या लगती हैं ?---के मेरे लाल जहाँ भी रहे खुश रह तू हमेशा तेरी हर bala कोअपने सर ले कर अपने लाल के हज़ार हज़ार सदकेउतारती है कन्हैया !हर ज़गह तुझे शुभकामनाओं का माखन मिलता रहेगा हर समय मां की दुआओं का साया तेरे सर पर रहेगा औरईश्वर कृपा का मयूर पंखसदा तुझे राह बताता रहेगा----