रविवार, 15 अगस्त 2010

चलो थोड़ी दूर चलें

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2010

अं
क्या ये हमारा ही देश है ?
राहुल दुल्हनिया ले जायेगा ----- क्यों ले जाये राहुल एक नयी दुल्हनिया चुन कर जब हमारी बेटियां बिंदास बाज़ार मैं खड़ीं हैं बेझिझक
हर शर्त मानने को आतुर --और हों भी क्यों उन्हें ये सुन्दर भविष्य चुनने के लिए उनके माँ बाप ने दही पड़े खिला कर भेजा है -----कहा है जा बेटी हमारे यहाँ टी सावित्री ने भी अपना वर खुद ही चुना था ---सीता का भी स्वयंबर हुआ था ---और फिर ये तो नया ज़माना है हर आदमी अपना भविष्यबना रहा है
तो तुम क्या किसी से काम हो ---अरे हमारे ज़लवे लोग देखते ही रह जायेंगे की देखो उनकी बेटी ने रातोंरात कितनी शोहरत कमाई है कितने बड़े खंडन कज बहु बन गयी जिसमें नए ज़माने की साडी खूबियाँ हैं जो अपने ही भाई को भी नए ज़माने के उसूलों पार बलिदान कर सकते हैं कल तुम्हारा नाम भी उस महान खंडन से जुड़ जायेगा तो तुम भी रातोंरात मशहूर हो जाओगी ---------कोरे आदर्शों को क्या ओढें क्या बिछाएं हम लोग --- बेटी बिंदास जाओ --और अपनी किस्मत की लकीरों को चमकाओ ---दोनों हाथ लड्डू रहेंगे इस खेल मैं हर गयीं तो लोक्प्रिता मैएगी ही मिलेगी और जित गयीं तो वारे न्यारे हैं ही --------
क्या सोच रही हो लाओ आज से ही मैं तुम्हारी साडी तयारी करवा देती हूँ ---------चलो अभी बाज़ार चलो ------यूँ गुमनाम रहने से किसी को कुछ नहीं मिलता है भाई अरे कुछ पाने के लिए तो कुछ कारना ही पड़ता है ------अब वो ज़माना लड़ गया जाब माँ बाप अपनी बेटियों की शील की सदाचार की दुहाई दे दे कर उन्हें ये कह कर मरने के लिए छोड़ देते थे की जा बेटी हमारी लाज तेरे हाथ है ---जिस घर मैं तेरी डोली जाये वहां से अर्थी ही उठे ---और बेटियां भी हँसते हँसते ससुराल की बलि बेदी पार शहीद हो कर माँ बाप का सर गर्व से ऊँचा करती थी ----------अब तो ये सब पशन कल की बातें लगती हैं अरे हम इक्कीसवी सदी के दस साल आगे चुके हैं ---चिता मत कर जा और बेधड़क जा ---चिड़िया की आँख की तरह अपने लक्ष्य पार अर्जुन का सा निशाना साध ----अरे हाँ देख १मैने और तेरे पापा ने भी फिनाल के लिए कपडे तयार करवा लिए हैं देखना ----व्याज समेत हमारी लगत निकल आयर ज़रा ध्यान रखना ---मेरे सिखाये गुर याद रहींगे ----अरे राहुल तो भावुक सा बेवफा सा लड़का है उसे पटना तो तेरे बाएं हाथ का खेल है ---और फिर मेरी दुआएं भी तो हैं तेरे साथ ---अरे अब जाएगी तो अरबपति बन कर ही लोतेगी ---फिर सब कहेंगे ---राहुल दुल्हनिया ले आया ---नए भारत के माहौल मैं एक अजीब सी महक अं ----ततो अं -------मैं का का से पानी पानी हुई जा रही होंगी की हाय हम शर्म करते तो ये चांस तो गँवा पाते ----कोई बात नहीं ----राहुल कि सीज़न कि ही लिस्ट ka